मेरे माता-पिता/ 12.03.2026
मेरे माता-पिता दोनों ही शिक्षा और समाज सेवा से जुड़े हुए थे।
मेरे पिता उर्दू, अरबी और फ़ारसी के विद्वान शिक्षक थे। उन्होंने लाहौर और अलीगढ़ से अदीबे आलिम तथा फ़ाज़िल की डिग्रियाँ प्राप्त की थीं।
मेरी माताजी भी अत्यंत विदुषी थीं। वे हिंदी, संस्कृत और गुरुमुखी की गहरी जानकार थीं। उन्होंने हिंदी में प्रभाकर, संस्कृत का गहन अध्ययन तथा गुरुमुखी में ज्ञानी की परीक्षा उत्तीर्ण की थी।
इस प्रकार मेरे माता-पिता दोनों मिलकर छह भाषाओं के ज्ञाता थे। उन्होंने अपनी इन शैक्षणिक योग्यताओं और संस्कारों से हमें भी शिक्षित और संस्कारित करने का भरपूर प्रयास किया।
हम अपने आप को अत्यंत धन्य और सौभाग्यशाली मानते हैं कि हमें ऐसे विद्वान, संस्कारी और प्रेरणादायी माता-पिता मिले।
Ram Mohan Rai.
12.03.2026
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