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Gandhi Global Family- an introduction

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GANDHI GLOBAL FAMILY Aims and Objectives Gandhi Global Family (GGF) is a worldwide family of individuals, institutions, organisations, social workers, peace activists, educators, youth, women and people of goodwill who are committed to the universal ideals of Mahatma Gandhi—Truth, Non-violence, Peace, Compassion, Justice, Equality, Human Dignity, Communal Harmony and Service to Humanity. The Gandhi Global Family was founded during the lifetime of Didi Nirmala Deshpande, a distinguished Gandhian, peace worker, social reformer and lifelong advocate of communal harmony and national integration. After her passing, the organisation was systematically organised in 2008 under the guidance, leadership and chairmanship of Jenab Ghulam Nabi Azad, former Union Minister and former Chief Minister of Jammu & Kashmir, with the objective of bringing Gandhian institutions, organisations and individuals across India and different parts of the world onto a common platform for peace and co...

हरिजन सेवक संघ पर मेरी बात — विरोध नहीं, आत्ममंथन

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हरिजन सेवक संघ पर मेरी बात — विरोध नहीं, आत्ममंथन अक्सर मित्र पूछते हैं कि मैं हरिजन सेवक संघ के चित्रों के साथ ही अपनी टिप्पणियाँ क्यों करता हूँ और क्या मैं संघ को ही निशाना बना रहा हूँ? मेरा उत्तर स्पष्ट है—नहीं। मेरा सरोकार केवल हरिजन सेवक संघ से नहीं, बल्कि सभी गांधीवादी संस्थाओं के चरित्र, कार्यप्रणाली और गांधीजी के मूल उद्देश्यों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता से है। हरिजन सेवक संघ का उल्लेख इसलिए अधिक होता है क्योंकि इससे मेरा संबंध लगभग चार दशक पुराना है। सन् 1987 में दीदी निर्मला देशपांडे जी ने मुझे हरिजन सेवक संघ से जोड़ा। पंजाब, दिल्ली और जम्मू-कश्मीर के अनेक साथियों को भी उन्होंने संघ से जोड़ा और उसकी मजबूती के लिए काम करने को प्रेरित किया। शंकर कुमार सान्याल, लक्ष्मी दास, मंगत राम सिंघल जी, एस.पी. वर्मा, डॉ. पवन थापर, रमेश भाई जैसे अनेक साथी भी दीदी के प्रयासों से संघ से जुड़े। मैं स्वयं संघ के बोर्ड और कार्यकारिणी का सदस्य, हरियाणा का प्रांतीय सचिव तथा प्रांतीय अध्यक्ष रहा हूँ। मैंने संघ के लिए काम किया है, इसलिए आज उसकी स्थिति देखकर मेरी चिंता स्वाभाविक है। मेरी च...

गांधी की अंतिम वसीयत के सामने गांधी संस्थाओं से कुछ असहज सवाल

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गांधी की अंतिम वसीयत के सामने गांधी संस्थाओं से कुछ असहज सवाल क्या गांधी के नाम पर चलने वाली संस्थाएँ गांधी के विचारों से दूर होती जा रही हैं? राम मोहन राय अधिवक्ता, सर्वोच्च न्यायालय महासचिव, गांधी ग्लोबल फैमिली / निर्मला देशपांडे संस्थान 3 अक्टूबर को गांधी शांति प्रतिष्ठान की 52वीं व्याख्यानमाला में प्रतिष्ठान के अध्यक्ष श्री कुमार प्रशांत जी के मुखारविंद से महात्मा गांधी के उस अंतिम दस्तावेज के बारे में सुनने का अवसर मिला, जिसे गांधीजी ने 29 जनवरी 1948 को नई दिल्ली में तैयार किया था और जो बाद में Harijan में “His Last Will and Testament” के शीर्षक से प्रकाशित हुआ। इस दस्तावेज के बारे में सुनने के बाद मेरे मन में एक बेचैनी पैदा हुई। घर लौटकर मैंने गांधीजी की इस अंतिम राजनीतिक वसीयत को फिर से गंभीरता से पढ़ा। पढ़ते-पढ़ते लगा कि 29 जनवरी 1948 को गांधीजी ने केवल कांग्रेस के पुनर्गठन का प्रस्ताव नहीं लिखा था; उन्होंने स्वतंत्र भारत की राजनीति और सार्वजनिक जीवन के सामने एक नैतिक कसौटी रख दी थी। और उसी कसौटी पर आज गांधी के नाम से चलने वाली संस्थाओं को भी स्वयं को परखना होगा। गा...

'GANDHI GLOBAL FAMILY BROADCAST' Du Bois–King Peace Tour | Day 2🇮🇳 हिंदी-English

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GANDHI GLOBAL FAMILY BROADCAST Du Bois–King Peace Tour | Day 2 🇮🇳 हिंदी शांति तीर्थयात्रा के दूसरे दिन बेंगलुरु में दो महत्वपूर्ण कार्यक्रम गांधी ग्लोबल फॅमिली के Du Bois–King Peace Tour की शांति तीर्थयात्रा के दूसरे दिन बेंगलुरु में दो महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए गए। प्रथम कार्यक्रम – Seshadripuram College दिन में Seshadripuram College में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए प्रसिद्ध Afro-American Gandhian Dr. Anthony Monteiro ने गांधीवादी विचारों और अहिंसक संघर्ष की शक्ति पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने बताया कि किस प्रकार अमेरिका में विद्यार्थियों ने युद्ध के विरोध में गांधीवादी तरीकों को अपनाया है। उन्होंने कहा कि आज की दुनिया में युद्ध किसी समस्या का समाधान नहीं है। पश्चिमी जीवन-पद्धति की अंधी नकल करने के बजाय भारत के युवाओं को अपनी महान मानवीय और गांधीवादी परंपरा से प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने भारत की अपार संभावनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत आकर उन्हें ऐसा महसूस हो रहा है जैसे वे अपने घर लौट आए हों। डॉ. मोंटेइरो ने ईरान युद...

Gandhi Jayanti Resonates Across the World - Gandhi Global Family

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गांधी जयंती पर विश्वभर में गूंजा गांधी का संदेश गांधी ग्लोबल फैमिली के आह्वान पर भारत सहित अनेक देशों में कार्यक्रम आयोजित  3 अक्टूबर 2026 महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर गांधी ग्लोबल फैमिली (GGF) के आह्वान पर भारत सहित विश्व के अनेक देशों में आयोजित कार्यक्रमों की प्राप्त हो रही सूचनाएँ इस बात का परिचय हैं कि गांधीजी के सत्य, अहिंसा, शांति, सद्भाव और मानवता के विचार आज भी विश्वभर में स्वीकार्यता और प्रेरणा का स्रोत बने हुए हैं। गांधी ग्लोबल फैमिली को अमेरिका, नीदरलैंड, बांग्लादेश और श्रीलंका सहित भारत के विभिन्न राज्यों के शहरों और कस्बों से गांधी जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों की जानकारी प्राप्त हुई है। इन कार्यक्रमों में महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ-साथ उनके जीवन और विचारों पर चर्चा, प्रार्थना सभाएँ, शांति एवं सद्भाव के कार्यक्रम तथा सामाजिक जागरूकता से जुड़े आयोजन किए गए। भारत में गांधी ग्लोबल फैमिली की ओर से जम्मू, पानीपत, बुरहानपुर (मध्य प्रदेश) तथा अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन...

गांधी के स्थलों को सम्पत्ति नहीं, विचारों का तीर्थ बनाइए

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गांधी के स्थलों को सम्पत्ति नहीं, विचारों का तीर्थ बनाइए — राम मोहन राय अधिवक्ता, सर्वोच्च न्यायालय, भारत महासचिव, गांधी ग्लोबल फैमिली / निर्मला देशपांडे संस्थान महात्मा गांधी के सत्याग्रह से जुड़े भारत और दक्षिण अफ्रीका के नौ ऐतिहासिक स्थलों को UNESCO की विश्व धरोहर की अस्थायी सूची (Tentative List) में शामिल किया जाना निश्चित रूप से भारत और गांधी विचार से जुड़े सभी लोगों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रसन्नता का विषय है। भारत की ओर से प्रस्तुत इस अंतरराष्ट्रीय श्रृंखलाबद्ध नामांकन में सात स्थल भारत में और दो दक्षिण अफ्रीका में हैं। भारत के स्थलों में महात्मा गांधी सत्याग्रह स्मारक, साबरमती आश्रम, मणि भवन, हरिजन सेवक संघ, सेवाग्राम आश्रम, आगा खान पैलेस और गांधी स्मृति शामिल हैं, जबकि दक्षिण अफ्रीका में पीटरमैरिट्जबर्ग रेलवे स्टेशन और फीनिक्स सेटलमेंट शामिल हैं। यह केवल कुछ भवनों, कमरों, आश्रमों या स्मारकों को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलने का प्रश्न नहीं है। UNESCO के दस्तावेज के अनुसार इन स्थलों की विशेषता इस बात में है कि ये सत्याग्रह के जन्म, प्रयोग, विकास और संस्थागत रू...