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Gandhi Global Family Joins International Initiative for EcoHarmony and Sustainable living

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Gandhi Global Family Joins International Initiative for EcoHarmony and Sustainable living      India, the Netherlands and Global Partners Unite to Promote Peace, Environmental Protection and International Cooperation In a significant step towards strengthening global cooperation for peace, environmental sustainability and interfaith harmony, Gandhi Global Family has joined hands with organizations and individuals from the Netherlands, India, Canada, Brazil, Bangladesh and other countries to establish the "EcoHarmony and Living Environment HIVE–INDIA Cooperation Circle (CC)" under the framework of the United Religions Initiative (URI). The initiative aims to bring together people of diverse faiths, cultures and communities to work collectively for ecological balance, sustainable development, environmental conservation and the promotion of peace through dialogue and cooperation. During a recent international meeting, Mr. Ram Mohan Rai, General Secretary of Gand...

जर्मनी : इतिहास, विचार और मानवता से संवादपाँच दिवसीय जर्मनी प्रवास की भूमिका— राम मोहन राय

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जर्मनी : इतिहास, विचार और मानवता से संवाद पाँच दिवसीय जर्मनी प्रवास की भूमिका — राम मोहन राय इन दिनों हम लगभग पाँच दिनों के प्रवास पर जर्मनी में हैं। जर्मनी सदैव से भारतीयों के लिए आकर्षण, जिज्ञासा और प्रेरणा का केंद्र रहा है। यह केवल यूरोप की सबसे विकसित अर्थव्यवस्थाओं में से एक नहीं, बल्कि दर्शन, साहित्य, विज्ञान, संगीत, समाज-सुधार और आधुनिक लोकतंत्र की महान परंपराओं का भी देश है। विश्व के बौद्धिक इतिहास में जर्मनी का स्थान अत्यंत विशिष्ट है। इस धरती ने ऐसे अनेक महान दार्शनिक, चिंतक, वैज्ञानिक और साहित्यकार दिए जिन्होंने मानव सभ्यता के विकास को नई दिशा प्रदान की। इमैनुएल कांट ने नैतिक दर्शन और विवेक की नई परिभाषा दी, हेगेल ने इतिहास और विचार की गति को समझने का नया दृष्टिकोण प्रस्तुत किया, कार्ल मार्क्स ने सामाजिक और आर्थिक न्याय की अवधारणाओं को विश्वव्यापी विमर्श का विषय बनाया, जबकि फ़्रेडरिक नीत्शे ने स्थापित मान्यताओं को चुनौती देकर स्वतंत्र चिंतन का मार्ग प्रशस्त किया। साहित्य के क्षेत्र में योहान वोल्फगांग फॉन गोएथे और फ़्रेडरिक शिलर ने विश्व साहित्य को अमूल्य धरोहर प...

युवाओं का जागरण: नए भारत की अहिंसक चेतना— राम मोहन राय

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युवाओं का जागरण: नए भारत की अहिंसक चेतना — राम मोहन राय भारत का भविष्य उसके युवा हैं। जब युवा जागते हैं तो केवल सरकारें ही नहीं, बल्कि समाज भी आत्ममंथन करने के लिए विवश हो जाता है। हाल के दिनों में देश में जिस प्रकार युवाओं, विद्यार्थियों, सोशल मीडिया एक्टिविस्टों और छोटे-छोटे डिजिटल मंचों ने लोकतांत्रिक ढंग से अपनी आवाज़ बुलंद की है, उसने यह स्पष्ट कर दिया है कि भारत का युवा वर्ग केवल दर्शक बनकर नहीं रहना चाहता, बल्कि राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी चाहता है। हर बड़े जनआंदोलन के पीछे वर्षों से संचित पीड़ा, असंतोष और परिवर्तन की आकांक्षा होती है। जब समाज में अनेक अनसुलझे प्रश्न जमा हो जाते हैं, तो एक छोटी-सी चिंगारी भी व्यापक जनचेतना का रूप ले सकती है। ऐसे समय में सबसे बड़ी आवश्यकता यह होती है कि आंदोलन का मार्ग संयम, संवाद और अहिंसा का हो। भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन हमें यही शिक्षा देता है। महात्मा गांधी ने सत्य, अहिंसा और सत्याग्रह के माध्यम से दुनिया को बताया कि नैतिक शक्ति किसी भी हिंसक शक्ति से अधिक प्रभावशाली हो सकती है। दूसरी ओर, शहीद-ए-आज़म भगत सिंह ने अन्याय ...

My trip to the Belin -2026

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सीमाओं के उस पार: मेरी तीन अंतरराष्ट्रीय रेल यात्राएँ और शांति का संदेश      रेल यात्रा मुझे सदैव आकर्षित करती रही है। भारत के लगभग हर हिस्से में मैंने रेल से लंबी यात्राएँ की हैं, किंतु एक देश से दूसरे देश तक रेल द्वारा यात्रा करने का अनुभव बिल्कुल अलग होता है। अब तक मुझे तीन बार अंतरराष्ट्रीय रेल यात्रा करने का अवसर मिला है। इन तीनों यात्राओं ने मुझे केवल नए देशों से ही नहीं, बल्कि सीमाओं, विश्वास और मानवता के बदलते स्वरूप से भी परिचित कराया। मेरी पहली अंतरराष्ट्रीय रेल यात्रा अमृतसर से लाहौर की थी। दोनों शहरों के बीच की दूरी मात्र लगभग 30 किलोमीटर है, किंतु इस छोटी-सी दूरी को तय करने में लगभग छह घंटे लग गए। अटारी स्टेशन पर पूरी ट्रेन खाली करवाई गई। प्रत्येक यात्री के पासपोर्ट, वीजा और अन्य दस्तावेजों की गहन जाँच हुई। कई प्रकार के प्रश्न पूछे गए, जिनसे सामान्य और सम्मानित यात्री भी असहज महसूस कर सकता था। जब ट्रेन वाघा पहुँची, जो अटारी से कुछ ही किलोमीटर दूर है, वहाँ भी पूरी प्रक्रिया दोबारा दोहराई गई। फिर से सभी यात्रियों को ट्रेन से उतरना पड़ा, दस्तावेजों क...

मेरा घर : मेरी पहचान, मेरी विरासत

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अध्याय – मेरा घर : मेरी पहचान, मेरी विरासत "घर केवल वह स्थान नहीं होता जहाँ हम रहते हैं; वह हमारी स्मृतियों, संस्कारों, रिश्तों और समाज के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का जीवंत इतिहास होता है।" जब भी मैं अपने जीवन की यात्रा पर दृष्टि डालता हूँ, तो सबसे पहले मेरे सामने दो घर उभरकर आते हैं—पानीपत के ऐतिहासिक मोहल्ला कायस्थान का हमारा पैतृक घर और सन् 1975 से हमारा निवास ओल्ड हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी का घर। इन दोनों घरों ने मेरे व्यक्तित्व, मेरे विचारों और मेरे जीवन की दिशा को गढ़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।             मेरे पूज्य पिता, स्वर्गीय मास्टर सीताराम सैनी, अक्सर कहा करते थे—"बेटा, हमारा घर पानीपत के हृदय में है। जितने कदम हमारे घर से देवी मंदिर तक हैं, लगभग उतने ही कदम हज़रत बू अली शाह कलंदर की दरगाह तक हैं। लगभग उतनी ही दूरी पर गुरुद्वारा पहली पातशाही और आर्य समाज का मंदिर भी है।" उनके इन शब्दों में केवल भौगोलिक स्थिति का वर्णन नहीं था, बल्कि भारत की साझी संस्कृति, धार्मिक सद्भाव और सामाजिक समरसता का गहरा संदेश छिपा था। हमारे घर की सबसे बड़ी...

Address by Ram Mohan Rai (General Secretary, Gandhi Global Family)Nelson Mandela International Day Church of Scientology Netherlands, Amsterdam /English and Hindi

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महात्मा गांधी के विचारों ने नेल्सन मंडेला के संघर्ष को दी नई दिशा एम्स्टर्डम में नेल्सन मंडेला अंतर्राष्ट्रीय दिवस पर मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करने का गौरवपूर्ण अवसर नीदरलैंड के एम्स्टर्डम में नेल्सन मंडेला अंतर्राष्ट्रीय दिवस के अवसर पर आयोजित एक गरिमामय समारोह में "महात्मा गांधी के विचार एवं दर्शन का नेल्सन मंडेला के जीवन और संघर्ष पर प्रभाव" विषय पर मुख्य वक्ता के रूप में अपने विचार रखने का अवसर मेरे जीवन के अत्यंत गौरवपूर्ण और अविस्मरणीय क्षणों में से एक रहा। यह निमंत्रण मुझे गांधी ग्लोबल फैमिली के महासचिव के रूप में प्राप्त हुआ। कार्यक्रम का आयोजन चर्च ऑफ साइंटोलॉजी के सभागार में हुआ, जहाँ विभिन्न देशों के शांतिकर्मी, बुद्धिजीवी, मानवाधिकार कार्यकर्ता और सामाजिक कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित थे। कार्यक्रम का अत्यंत प्रभावशाली संचालन श्री गेरब्रिग डेनियम ने किया। उन्होंने मेरे परिचय के दौरान गांधी ग्लोबल फैमिली तथा मेरी प्रेरणास्रोत दीदी निर्मला देशपांडे का विशेष उल्लेख करते हुए उनके शांति और सद्भाव के कार्यों को श्रद्धापूर्वक याद किया।...

"How Mahatma Gandhi's Philosophy Inspired Nelson Mandela and His Lifelong Commitment to Justice and Reconciliation"●

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●Distinguished representatives of the Church of Scientology Netherlands, respected speakers, honoured guests, ladies and gentlemen, dear friends, ●It is a great honour and privilege to be with you today as we celebrate Nelson Mandela International Day. ●I sincerely thank the Church of Scientology Netherlands for inviting me to speak on a subject that is deeply relevant to humanity today—how Mahatma Gandhi's philosophy inspired Nelson Mandela and his lifelong commitment to justice, human dignity and reconciliation. ●I bring you warm greetings from Gandhi Global Family, an international movement inspired by the life and message of Mahatma Gandhi and guided for over three decades by one of Gandhi's closest spiritual successors, Vinoba Bhave and Bhave's spiritual daughter the late Nirmala Deshpande. ●Today we honour not merely a political leader, but one of the greatest moral giants of the twent...