बर्लिन की यादों से: कैसर विल्हेल्म मेमोरियल चर्च
बर्लिन की यादों से: कैसर विल्हेल्म मेमोरियल चर्च बर्लिन की हमारी यात्रा के दौरान हम उस चर्च पहुँचे, जिसके दो रूप आमने-सामने खड़े हैं। एक वह ऐतिहासिक और पुरातन स्वरूप, जिसे द्वितीय विश्व युद्ध के बमबारी में नष्ट कर दिया गया था; दूसरा वह नया रूप, जिसे १९६१ में दिया गया। पुराना कैसर विल्हेल्म मेमोरियल चर्च १ सितंबर १८९५ को समर्पित हुआ था। सम्राट विल्हेल्म द्वितीय ने इसे अपने पितामह विल्हेल्म प्रथम की स्मृति में बनवाया था। फ्रांज हेनरिक श्वेख्टेन ने इसे नव-रोमनस्क शैली में डिज़ाइन किया था। १९४३ की बमबारी ने इसे बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। १९५० के दशक में पुराने टॉवर के खंडहरों को सुरक्षित रखने को लेकर लंबी बहस चली। अंततः आर्किटेक्ट एगोन आइयरमैन ने उस खंडहर टॉवर को अपने नए परिसर में समाहित कर लिया—चार इमारतों का समूह, जिनमें गेब्रियल लॉयर (शात्रे) की प्रसिद्ध नीली काँच की दीवारें हैं। नया चर्च १७ दिसंबर १९६१ को समर्पित हुआ। आज यह राष्ट्रीय स्मारक है—स्थापत्य की पहचान भी और शांति तथा सुलह का स्मारक भी। मैं आस्थावान की तरह नए चर्च में गया। उसके...