नीदरलैंड की आत्मा की खोज : डेवेंटर में एक दिन— राम मोहन राय
नीदरलैंड की आत्मा की खोज : डेवेंटर में एक दिन — राम मोहन राय किसी भी देश को केवल उसकी राजधानी या उसके महानगरों को देखकर नहीं समझा जा सकता। महानगर उस देश का चेहरा अवश्य होते हैं, किंतु उसकी आत्मा छोटे नगरों, कस्बों और गाँवों में बसती है। नीदरलैंड के संदर्भ में भी यही सत्य है। एम्स्टर्डम, रॉटरडैम और हेग जैसे नगर अपनी आधुनिकता, भव्यता और विश्वव्यापी पहचान के कारण लाखों पर्यटकों को आकर्षित करते हैं, परंतु यदि इस देश की सांस्कृतिक चेतना, ऐतिहासिक गरिमा और मानवीय संवेदनशीलता को निकट से महसूस करना हो तो उसके छोटे-छोटे नगरों की यात्रा अनिवार्य है। नीदरलैंड की यह हमारी चौथी यात्रा है। मैं और मेरी धर्मपत्नी कृष्णा इस बार पहले से ही यह संकल्प लेकर आए थे कि इस यात्रा का उद्देश्य केवल पर्यटन नहीं होगा। हम उन स्थानों को खोजेंगे जहाँ इतिहास बोलता है, संस्कृति साँस लेती है, साहित्य मुस्कुराता है और प्रकृति मनुष्य के साथ सामंजस्य स्थापित करती दिखाई देती है। इसी खोज ने हमें लगभग 120 किलोमीटर दूर बसे ऐतिहासिक नगर डेवेंटर पहुँचा दिया। अलमेरे से ज़्वोले और वहाँ से डेवेंटर तक की रेल यात्रा अपने आप...