पानीपत का इतिहास
पानीपत, जो आज एक साधारण कस्बे के रूप में दिखाई देता है, भूतकाल में अपने राजनीतिक महत्व, विद्वत्ता और सांस्कृतिक वैभव के कारण उत्तरी हिन्दुस्तान का अत्यंत प्रसिद्ध नगर रहा है। इसके विशाल मैदानों में अनेक बार हिन्दुस्तान के भाग्य का निर्णय हुआ और जो शासक यहाँ विजयी हुआ, दिल्ली का तख्त उसी के अधिकार में आया। यह नगर बड़े-बड़े सूफी संतों, शांत फकीरों और महात्माओं की तपोभूमि रहा है, जिनका त्याग, साधना और आध्यात्मिक प्रभाव आज भी पूरे हिन्दुस्तान में श्रद्धा के साथ स्मरण किया जाता है। यहाँ अनेक महान विद्वान उत्पन्न हुए, जिनकी विद्वत्ता का लोहा आज तक माना जाता है। कुरान शरीफ के हाफिज़ तथा मधुर स्वर में उसका उच्चारण करने वालों का यह नगर हिन्दुस्तान का एक प्रमुख केंद्र रहा है। आज भी इस कस्बे में जितने कुरान शरीफ कंठस्थ करने वाले लोग मिलते हैं, उतने संभवतः देश के किसी बड़े नगर में भी दुर्लभ होंगे। पानीपत केवल आध्यात्मिक और विद्वतापूर्ण परंपरा का ही केंद्र नहीं रहा, बल्कि यह धनी रईसों और सम्मानित परिवारों का भी नगर था। उनकी बनवाई हुई कुछ शेष इमारतें आज भी इस कस्बे के प्राचीन वैभव ...