हेमवती नंदन बहुगुणा: विचार, व्यक्तित्व और राजनीतिक द्वंद्व का एक अध्याय
हेमवती नंदन बहुगुणा: विचार, व्यक्तित्व और राजनीतिक द्वंद्व का एक अध्याय भारतीय राजनीति के इतिहास में हेमवती नंदन बहुगुणा का नाम एक ऐसे नेता के रूप में लिया जाता है, जिन्होंने अपने समय में समाजवादी सोच, संगठन क्षमता और जनसंपर्क के बल पर एक विशिष्ट पहचान बनाई। विद्यार्थी जीवन से ही मैं उनके व्यक्तित्व और विचारधारा से अत्यंत प्रभावित रहा। उनके भीतर समाजवाद के प्रति गहरी प्रतिबद्धता और जनहित के प्रति स्पष्ट दृष्टिकोण दिखाई देता था। यह वह दौर था जब इंदिरा गांधी ने देश में कई ऐतिहासिक निर्णय लिए— प्रिवी पर्स की समाप्ति, बैंकों का राष्ट्रीयकरण जन और वितरण प्रणाली को मजबूत करने जैसे कदमों ने भारत की सामाजिक-आर्थिक दिशा को नई दिशा दी। 1971 के चुनाव में “गरीबी हटाओ” के नारे के साथ मिली उनकी ऐतिहासिक विजय ने देश में एक नई आशा का संचार किया। उस समय उनके साथ कई प्रखर समाजवादी विचारक और नेता जुड़े थे, जिनमें पी.एन. हक्सर, चंद्रजीत यादव, के.आर. गणेश, नंदिनी सत्पथी और स्वयं बहुगुणा जी प्रमुख थे। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में बहुगुणा जी का कार्यकाल एक नई ऊर्जा और परिवर्तन की ल...