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श्री दीपचंद निर्मोही: मेरे जीवन के पथप्रदर्शक, अभिभावक और वैचारिक पिता- राम मोहन राय/

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श्री दीपचंद निर्मोही: मेरे जीवन के पथप्रदर्शक, अभिभावक और वैचारिक पिता कुछ रिश्ते रक्त से नहीं, विचारों से बनते हैं; कुछ लोग जीवन में केवल साथ चलने के लिए नहीं, बल्कि जीवन की दिशा तय करने के लिए आते हैं। श्री दीपचंद निर्मोही मेरे जीवन में ऐसे ही व्यक्तित्व रहे हैं। आज जब अमेरिका प्रवास के दौरान उनके निधन का समाचार मिला, तो मन गहरे शोक और अविश्वास से भर गया। हजारों मील दूर बैठकर अपने उस अभिभावक को अंतिम विदाई देने में असमर्थ हूँ, जिसने जीवन के हर छोटे-बड़े मोड़ पर मेरा मार्गदर्शन किया। मेरे लिए वे केवल एक शिक्षक नहीं थे, बल्कि बड़े भाई, मित्र, संरक्षक और वैचारिक पिता थे। पहली मुलाकात से आजीवन आत्मीयता तक वर्ष 1973 में जब मैंने आर्य स्कूल में आठवीं कक्षा में प्रवेश लिया, तब पहली बार श्री दीपचंद निर्मोही जी से मिलने का अवसर मिला। खादी की सफेद धोती-कुर्ता पहने, सौम्य मुखमुद्रा और सरल, सहज बातचीत वाले उनके व्यक्तित्व ने पहली ही मुलाकात में मुझे प्रभावित किया। स्कूल की प्रार्थना सभा में वे जब अपने विचार प्रस्तुत करते, तो उनकी बातों में ज्ञान के साथ जीवन का अनुभव, सामा...

17 अक्टूबर: मेरा जन्मदिन, दीदी की स्मृतियाँ और जीवन का एक अनोखा संयोग

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 17 अक्टूबर: मेरा जन्मदिन, दीदी की स्मृतियाँ और जीवन का एक अनोखा संयोग राममोहन राय की कलम से मेरे जीवन में 17 अक्टूबर केवल जन्मदिन की एक तारीख नहीं, बल्कि स्मृतियों, आत्मीयता, प्रेरणा और सामाजिक सरोकारों से जुड़ा एक विशेष दिन है। मुझे अपने जन्मदिन से बड़ा कोई त्योहार कभी नहीं लगा। जब भी नए साल का कैलेंडर या डायरी हाथ में आती, मैं सबसे पहले 17 अक्टूबर की तारीख को रेखांकित करता था। लेकिन समय के साथ इस तारीख का महत्व मेरे लिए केवल व्यक्तिगत खुशी तक सीमित नहीं रहा। सन् 1985 में जब मेरा परिचय दीदी निर्मला देशपांडे जी से हुआ, तब मुझे यह जानकर सुखद आश्चर्य हुआ कि उनका जन्मदिन भी 17 अक्टूबर ही है। उनका जन्म 17 अक्टूबर, 1929 को नागपुर में हुआ था। उस दिन से मैंने अपना जन्मदिन मानो उन्हें समर्पित कर दिया। जब तक वे हमारे बीच रहीं, मेरी दिनचर्या का एक आत्मीय हिस्सा यह था कि सुबह उठते ही सबसे पहले उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएँ देता। वे भी मुझे स्नेहपूर्वक आशीर्वाद देतीं। जन्मदिन की इस पारस्परिक शुभकामना में जो आत्मीयता थी, वह मेरे लिए किसी अनमोल निधि से कम नहीं थी। क्या यह महज इत्तफाक...

Our Traditions Live On, Even Across Seven Seas●The Ratham Festival of Lord Parthasarathy and the Message of Religious Harmony -USA/17.10.2026

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  ● सात समंदर पार भी जीवित हैं हमारी परम्पराएँ ●अमेरिका में रथम उत्सव, भगवान पार्थसारथी और भारतीय संस्कृति का आत्मीय संदेश कल शाम अमेरिका में अपने पड़ोस में रहने वाले एक तमिल भारतीय परिवार के नवरात्रि कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर मिला। मूलतः चेन्नई के इस परिवार के सदस्य पिछले अनेक वर्षों से अमेरिका में रहकर कार्य कर रहे हैं। आज उनके यहाँ भगवान पार्थसारथी अर्थात् श्रीकृष्ण की रथयात्रा का उत्सव था। तमिल परम्परा में इसे रथम उत्सव कहा जाता है। इस आयोजन में सम्मिलित होना मेरे लिए केवल एक धार्मिक कार्यक्रम में भाग लेना नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति के एक ऐसे रंग से परिचित होना था, जिसके बारे में जानने का अवसर मुझे पहले कभी नहीं मिला था। हमारे मेजबान पिछले कई दिनों से रथ तैयार करने और उसे सजाने में जुटे हुए थे। अमेरिका में न तो तमिलनाडु जैसी सारी सामग्री सहज उपलब्ध थी और न ही अपने शहर के मंदिरों जैसा वातावरण बनाना आसान था। लेकिन आस्था और रचनात्मकता के सामने साधनों की कमी बाधा नहीं बनी। गत्ते, कार्डबोर्ड और रंग-बिरंगे कागजों से उन्होंने बड़े मनोयोग से एक सुंदर रथ तैयार किया। ...

Dr. Anthony Monteiro’s India Visit: A Journey for Racial Justice, World Peace and Human Dignity

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Dr. Anthony Monteiro’s India Visit: A Journey for Racial Justice, World Peace and Human Dignity An Interview with Ram Mohan Rai, General Secretary, Gandhi Global Family Renowned African-American Gandhian scholar and peace activist Dr. Anthony Monteiro is visiting India from 2 to 15 October 2026. His visit has attracted the attention of eminent Indian intellectuals, political leaders, scholars and social activists. In this interview, Ram Mohan Rai, General Secretary of the Gandhi Global Family, discusses the historical connections between India and African Americans, the continuing struggle against racism, and the relevance of Dr. Monteiro’s visit to the global peace movement. Question 1: Dr. Anthony Monteiro, the renowned African-American Gandhian scholar, is currently visiting India. Why are so many distinguished Indian intellectuals, political leaders and social activists drawn to him and interested in his work? Ram Mohan Rai: India has historically stood in solidarity wi...

Panipat Welcomes African-American Gandhian Dr. Anthony MonteiroFrom Children’s Education to Global Peace: A Shared Message of Equality, Non-Violence and Social Justice

गांधी ग्लोबल फैमिली का प्रसारण  पानीपत में डॉ. एंथनी मोंटेइरो का भव्य अभिनंदन  बच्चों की शिक्षा से विश्व शांति तक: समानता, अहिंसा और सामाजिक न्याय का साझा संदेश पानीपत, 13 अक्टूबर 2026, हरियाणा के ऐतिहासिक नगर पानीपत में प्रसिद्ध अफ्रीकी-अमेरिकी गांधीवादी विद्वान, चिंतक एवं शांति कार्यकर्ता डॉ. एंथनी मोंटेइरो की भारत यात्रा के अंतर्गत दो महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए गए। 13 अक्टूबर को निर्मला देशपांडे संस्थान (NDS) द्वारा संचालित हाली अपना स्कूल में बच्चों के साथ संवाद तथा 14 अक्टूबर को ऐतिहासिक खादी आश्रम स्थित सोम भाई सभागार में भव्य अभिनंदन समारोह एवं विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इन दोनों कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों, शिक्षकों, शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, गांधीवादियों, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों, किसान संगठनों, श्रमिक संगठनों तथा नागरिक समाज के सदस्यों ने महात्मा गांधी, डॉ. मार्टिन लूथर किंग जूनियर और डॉ. डब्ल्यू. ई. बी. डू बोइस के विचारों की समकालीन प्रासंगिकता पर चर्चा की। कार्यक्रमों का केंद्रीय संदेश था कि विश्व शांति, अहिंसा, नस्लीय समानता, लोकतंत्र औ...