पानीपत के अतिथि मजदूरों की पीड़ा: नागरिक मंच की अपील – शीघ्र समाधान जरूरी
पानीपत के अतिथि मजदूरों की पीड़ा: नागरिक मंच की अपील – शीघ्र समाधान जरूरी पानीपत सैकड़ों वर्षों से हाथकरघा उद्योग का गढ़ रहा है, लेकिन पिछले कुछ दशकों में पानीपत रिफाइनरी और नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड (एनएफएल) ने इस ऐतिहासिक शहर को औद्योगिक नक्शे पर नई ऊंचाई दी है। इन बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठानों ने रोजगार के नए अवसर पैदा किए, परंतु इनके साथ ही एक गंभीर समस्या भी उभरी है – प्रवासी मजदूरों की दयनीय स्थिति। आज पानीपत के अधिकांश कारखानों और रिफाइनरी में काम करने वाले मजदूर विभिन्न प्रांतों से आए अतिथि मजदूर हैं। ये लोग अपने घर-बार, परिवार छोड़कर यहां आते हैं, लेकिन उन्हें बेहद कम मजदूरी और अत्यंत अस्वास्थ्यकर (अनहाइजीनिक) वातावरण में रहना पड़ता है। कोविड-19 महामारी के दौरान उनकी स्थिति और भी दयनीय हो गई थी। जब लॉकडाउन लगा तो इनमें से अधिकांश मजदूर बिना किसी परिवहन साधन के, भूखे-प्यासे अपने गांवों की ओर पैदल निकल पड़े। कारण साफ था – वे ठेकेदारों के तहत अनरजिस्टर्ड मजदूर थे। न कोई लिखित अनुबंध, न कोई सामाजिक सुरक्षा, न ही कोई सरकारी मदद। एक समय था जब पानिपत के कारखानों में मजदूरों...