महात्मा गांधी, डॉ. डब्ल्यू. ई. बी. डुबॉयस और आज की दुनिया : नई तालीम के संदर्भ में कुछ विचार
महात्मा गांधी, डॉ. डब्ल्यू. ई. बी. डुबॉयस और आज की दुनिया : नई तालीम के संदर्भ में कुछ विचार नई तालीम के हालिया सत्र में डॉ. डब्ल्यू. ई. बी. डुबॉयस के भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन पर लिखे गए विचारों को सुनने का अवसर मिला। यह केवल एक अकादमिक अनुभव नहीं था, बल्कि इतिहास, दर्शन और मानव मुक्ति के प्रश्नों पर गंभीर चिंतन का अवसर भी था। डॉ. डुबॉयस केवल अफ्रीकी-अमेरिकी समाज के महान चिंतक, समाजशास्त्री और मानवाधिकार योद्धा ही नहीं थे; वे भारत, विशेषकर महात्मा गांधी के जीवन, संघर्ष और नैतिक नेतृत्व के प्रति गहरी श्रद्धा रखते थे। उन्होंने औपनिवेशिक शासन को केवल आर्थिक शोषण की व्यवस्था नहीं माना, बल्कि उसे नस्लीय वर्चस्व की वैश्विक संरचना के रूप में भी समझा। इसी कारण उनके विचार आज भी मार्क्सवादी विमर्श के साथ-साथ उपनिवेशवाद, नस्लवाद और सामाजिक न्याय के अध्ययन में अत्यंत प्रासंगिक हैं। सामान्यतः साम्यवाद की चर्चा मार्क्सवाद, लेनिनवाद और वैज्ञानिक समाजवाद के संदर्भ में होती है, किंतु यदि विश्व की असमानताओं और शोषण की व्यापक संरचना को समझना हो, तो डुबॉयस के विश्लेषण को भी समान गं...