Yogini Indira Gandhi
*योगिनी* (स्व0 निर्मला देशपांडे जी द्वारा अपनी मित्र श्रीमती इंदिरा गांधी पर लिखा यह लेख, नित्यनूतन पत्रिका के वर्ष 1985 के नवम्बर अंक मे प्रकाशित हुआ था ।) *3 अक्टूबर 1977* । जनता पार्टी के शासन के दिन इन्दिराजी के निवास स्थान 12 विलिंगटन क्रिसेंट को सैकड़ों पुलिस वालों ने घेर लिया था। इंदिरा जी को गिरफ्तार करने कुछ अफसर भीतर पहुंचे।इन्दिराजी अपने कमरे मे चली गयी और जेल जाने के लिये सामान ठीक करने लगीं। कुछ देर बाद उनके वकील फ्रेंक एंथोनी( सांसद) पहुंचे और उन्होने कहा,'गिरफ्तारी का वारंट दिखाइए' तो अफसर एक दूसरे का मुंह ताकने लगे। उनके पास वारंट था ही नहीं। फ्रैंक एंथोनी ने फिर से वारंट की मांग की और बुलंद आवाज ने कहा," बगैर वारंट के आप इन्हें कैसे गिरफ्तार कर सकते हैं?" घंटे भर बहस चलती रही। बाहर लोगों की भीड़ बढ़ती रही। लोग क्षुब्ध थे । आखिर जब इन्दिराजी कार में बैठ गई तो कुछ क्षुबध युवक चिल्लाए, मोरारजी देसाई मुर्दाबाद ,चरणसिंह मुर्दाबाद । इंदिरा जी झट...