राष्ट्रीय युवा प्रोजेक्ट के सचिव श्री रण सिंह परमार जी का दुखद निधन: एक श्रद्धेय भाई, साथी और युवा साथी की अमिट यादें

राष्ट्रीय युवा प्रोजेक्ट के सचिव श्री रण सिंह परमार जी का दुखद निधन: एक श्रद्धेय भाई, साथी और युवा साथी की अमिट यादें

अभी-अभी एक अत्यंत दुखद खबर मिली है। राष्ट्रीय युवा प्रोजेक्ट (National Youth Project) के सचिव तथा पूज्य भाई जी डॉ. सुब्बाराव जी के अनन्य सहयोगी, युवा कार्यकर्ता और मेरे प्रिय मित्र श्री रण सिंह परमार जी का निधन हो गया है। यह सूचना सुनते ही मेरा दिल टूट गया। एक वर्ष से निरंतर संपर्क में रहने वाले, भाई जैसा स्नेह देने वाले और हर कार्य में सहयोग करने वाले इस श्रद्धेय व्यक्तित्व के जाने से एक बड़ा शून्य सा लग रहा है।

श्री रण सिंह परमार जी राष्ट्रीय युवा प्रोजेक्ट के सक्रिय सचिव के रूप में युवाओं के विकास, राष्ट्र निर्माण और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में निरंतर लगे रहे। भाई जी सुब्बाराव जी के सबसे विश्वसनीय सहयोगी के रूप में उन्होंने अनेक कार्यक्रमों, शिविरों और युवा उत्सवों को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका कार्य हमेशा निःस्वार्थ, समर्पित और ऊर्जावान रहा। वे युवाओं को प्रेरित करने वाले, मार्गदर्शन देने वाले और हर कठिनाई में साथ खड़े रहने वाले सच्चे योद्धा थे।

मेरा उनसे पिछले एक वर्ष से निरंतर संपर्क था। फोन पर बातचीत, विचारों का आदान-प्रदान और कार्यक्रमों की योजना बनाना हमारा नियमित क्रम बन गया था। लेकिन असली मैत्री तो ग्लोबल यूथ फेस्टिवल, पानीपत में हुई। वहाँ पहली बार आमने-सामने मिले तो लगा जैसे कोई पुराना भाई मिल गया हो। उनकी मुस्कान, सरलता और युवाओं के प्रति लगाव देखकर मन मोह लिया। वे हमेशा कहते थे – “युवा ही राष्ट्र का भविष्य है, हमें उन्हें सही दिशा देनी है।” उस फेस्टिवल में उनके साथ बिताए पल आज भी ताजा हैं।

  कोई भी कार्य हो – शिविर का आयोजन, युवा स्वयंसेवकों का समन्वय या भाई जी सुब्बाराव जी के कार्यक्रमों में सहयोग – वे हमेशा तैयार रहते। उनकी यह उपलब्धता और तत्परता देखकर अक्सर मन में आता कि ऐसे साथी मिलना कितना सौभाग्य की बात है।

अभी पिछले महीने ही लेहरा गागा में उनसे मुलाकात हुई थी। वहाँ हमने घंटों बैठकर बातें कीं। हरियाणा में नवंबर माह में एक और बड़ा युवा शिविर लगाने का निश्चय किया। वे उत्साहित थे, कह रहे थे – “इस बार और ज्यादा युवाओं को जोड़ेंगे, नए प्रोजेक्ट शुरू करेंगे।” उनकी आँखों में वह जुनून देखकर मैं भी उत्साहित हो गया था। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।

आज जब यह दुखद समाचार आया तो लगा जैसे कोई अपना भाई, कोई अपना साथी और कोई अपना सहयोगी हमेशा के लिए चला गया। वे मेरे लिए सिर्फ एक सहयोगी नहीं, एक प्रिय मित्र, एक भ्राता और एक अटूट सहारा थे। उनके जाने से राष्ट्रीय युवा प्रोजेक्ट के परिवार में भी एक बड़ा खालीपन महसूस हो रहा होगा। 

श्री रण सिंह परमार जी ने अपने छोटे से जीवन काल में जो सेवा, समर्पण और युवा प्रेम दिखाया, वह सदैव याद रहेगा। उनकी सादगी, मेहनत और राष्ट्र के प्रति लगाव आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।

मैं उनसे जुड़े सभी साथियों, परिवारजनों और राष्ट्रीय युवा प्रोजेक्ट के पूरे परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूँ। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें और परिवार को इस दुख को सहने की शक्ति दें। 

ॐ शांति शांति शांति।

श्री रण सिंह परमार जी की याद में हम सबका संकल्प यही होगा कि उनका अधूरा काम हम मिलकर पूरा करेंगे – युवाओं को जोड़ना, राष्ट्र का निर्माण करना और भाई जी सुब्बाराव जी के सपनों को साकार करना। 

आपकी अमर यादें सदैव हमारे साथ रहेंगी, प्रिय भाई रण सिंह परमार जी।
Ram Mohan Rai .
13.03.2026

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