Nirmala Deshpande's memory meet


 *दीदी निर्मला देशपांडे की 13वीं पुण्यतिथि* 

        गांधी ग्लोबल फैमिली/ निर्मला देशपांडे संस्थान तथा नित्यनूतन वार्ता के संयुक्त तत्वावधान में दीदी निर्मला देशपांडे जी की 13वीं पुण्यतिथि के अवसर पर एक स्मृति सभा का आयोजन गूगल मिनट पर किया गया जिसकी अध्यक्षता माता रुकमणी देवी सेवा संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष एवं स्वर्गीय दीदी के अनन्य सहयोगी पद्मश्री धर्मपाल सैनी ने की।

     संगोष्ठी का शुभारंभ करते हुए राममोहन राय एडवोकेट ने कहा कि दीदी के पुण्य स्मरण करने का अर्थ है कि हम उनके विश्वशांति, राष्ट्रीय एकता तथा सांप्रदायिक सद्भाव के मूल्यों को आत्मसात करें

[    दीदी निर्मला देशपांडे के जीवन वृतांत तथा यात्रा पर लिखें एक निबंध का पाठन महादेव देसाई पुस्तकालय, गांधी आश्रम, दिल्ली की पुस्तकालयाध्यक्ष  सीमा शर्मा ने किया। इस निबंध में स्वर्गीय दीदी के जन्म से मृत्यु पर्यंत उनके कार्यों की व्यापक चर्चा की गई थी ।

      होप( हाली ओपन इंस्टिट्यूट फ़ॉर पीस एंड एजुकेशन) की संयोजिका पूजा सैनी ने निर्मला देशपांडे संस्थान, पानीपत में हो रही व्यापक गतिविधियों एवं प्रवृत्तियों की विस्तार से जानकारी दी।

     गांधी ग्लोबल फैमिली के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पद्मश्री डॉ0 एसपी वर्मा ने अपने संस्मरणों को बताते हुए कहा कि दीदी द्वारा जम्मू-कश्मीर में किए जा रहे कार्यों से जुड़ कर उनके जीवन का उद्देश्य ही बदल गया। उनका का मानना था कि शांति एवं सद्भाव से ही  समस्या का हल निकल सकता है। कोविड काल मे गाँधी ग्लोबल फैमिली ने सूबे के लगभग हर गांव ,कस्बे तथा क्षेत्र में राहत सामग्री एवम औषधि वितरण के 350 कैम्प्स लगाए ।

     


जी जी एफ , नेपाल चैप्टर के अध्यक्ष श्री सूर्य भुषाल ने कहा कि दीदी निर्मला देशपांडे ने नेपाल और भारत के संबंधों को और अधिक सुदृढ़ करने का ही काम नहीं किया अपितु उन्होंने नेपाल में लोकतंत्र धर्मनिरपेक्षता एवं शांति के लिए भी बेहद प्रयास किये । 

    नेपाल की समाजिक कार्यकर्ता श्रीमती पार्बती भंडारी ने भी इस अवसर पर स्व0 दीदी से अपने आत्मीय सम्बन्धों को भावपूर्ण ढंग से रखा ।

       राष्ट्रीय सेवा परियोजना  के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर संजय राय ने कहा की स्वर्गीय दीदी के कार्यों को उन्होंने अपने जीवन में आत्मसात करने के लिए न केवल उन्होंने स्व0 दीदी के कार्यो को आत्मसात किया  अपितु गांधी विनोबा साहित्य के अध्ययन का भी  कार्य किया।

        हरिजन सेवक संघ,  तमिलनाडु के अध्यक्ष श्री पी मारुति ने कहा कि दीदी ने उनके जीवन की धारा को बदल दिया वह संपूर्ण भारत को अपना घर समझती थी और संपूर्ण विश्व के परिदृश्य में अपनी सोच रखती थी ।।

 स्व0 दीदी के भतीजे एवम रचनात्मक कार्यकर्ता श्री राजीव देशपांडे ने कहा कि उन्हें दीदी के पैतृक परिवार में जन्म लेने पर गर्व है परन्तु दीदी स्वयं को वैश्विक परिवार की हिस्सा मानती थी और जब भी कही भी कोई आपदा होती तो वे उसको व्यक्तिगत क्षति मानती ।

     कर्नाटक से युवा गांधीवादी तथा शिक्षाविद आबिदा बेगम ने कहा की स्वर्गीय दीदी के विचारों को उन्हें साहित्य के माध्यम से जाना एवं समझा है और वह मानती है कि आज के संदर्भ में उनके विचार  सर्वथा प्रासंगिक है।

चंडीगढ़ से श्री मनोहर लाल शर्मा ने कहा कि स्व0 दीदी एक अद्भुत सत्याग्रही थी जो किसी भी अन्याय के विरुद्ध डट कर मुकाबला करती थी ।

      हरिजन सेवक संघ पंजाब के अध्यक्ष तथा प्रसिद्ध शान्तिकर्मी  डा0 पवन कुमार थापर ने कहा कि पंजाब में आतंकवाद जब चरम सीमा पर था तब निर्मला देशपांडे अपने चंद साथियों  के साथ वहां आई और शांति एवं सद्भाव के लिए कार्य किया। आज के संदर्भ में जब हिंसा ,द्वेष एवम घृणा सर्वत्र व्याप्त है ऐसे समय में शांति एवं सद्भाव के कार्य करने वाले कार्यकर्ताओं की अत्यंत जरूरत है । दीदी के नारे गोली नही -बोली चाहिए ही पड़ोसी देशों के साथ सम्बन्धो को सामान्य करेगी ।

     हरिजन सेवक संघ के अध्यक्ष प्रो0 शंकर कुमार सान्याल ने कहा कि  दीदी युवाओं को अपने कार्यों के साथ जुड़ना चाहती थी आज के लिए जरूरत है कि युवाओं को नेतृत्व सुपुर्द किया जाए ताकि एक नए समाज का निर्माण किया जा सके ।

      प्रसिद्ध मानवाधिकार कार्यकर्ता तथा जयपुर (राजस्थान) की शान्तिकर्मी कविता श्रीवास्तव ने कहा कि दीदी का लोकप्रिय काम भारत-पाकिस्तान की जनता के बीच दोस्ताना सम्बन्ध कायम करना था । उन्होंने अनेक बार पाकिस्तान की यात्रा की तथा वहाँ के शान्तिकर्मियों को यहां बुलाया । सरहद पार ही उन्हें इतना ही सम्मान मिला जितना उन्हें अपने देश मे । आज उसी काम को आगे ले जाने की आवश्यकता है ।

       युवा पत्रकार व शिक्षाविद अरुण कहरबा ने बताया कि दीदी सदा ही प्रगतिशील ताकतों के समर्थन में रही थी । एक वैकल्पिक दुनियां मुमकिन है इसके लिए  वे सदा प्रयत्नशील रही ।

      गांधी विचार के युवा अध्येता विकास सालयन ने कहा कि सत्य, सत्याग्रह तथा विश्व बंधुत्व के सिद्धांत  दुनियाभर के युवकों को आंदोलित करते है । उन्होंने कहा कि इस विचार को जन-२ तक ले जाने की जरूरत है ।

       मणिपुर के युवा सामाजिक कार्यकर्ता ऋषिप्रकाश शर्मा ने कहा कि बेशक उन्हें स्व0 दीदी के प्रत्यक्ष दर्शन नही हुए परन्तु उनके विचारों से वे प्रेरित रहे है । शांतिपूर्ण अहिंसक क्रांति आज की जरूरत है ।

       जूनागढ़ (गुजरात) के श्री चतुर्भुज राजपारा ने कहा  कि भारत पाकिस्तान के लोगों के बीच दोस्ती दक्षिण एशिया में शांति स्थापना की गारंटी है जिसे हमें मिलकर जारी रखना चाहिए।

   कश्मीर से तारिक़ भट्ट ने कहा कि कश्मीर में शांति स्थापना का स्वप्न दीदी  का था । इसलिए उन्हें कश्मीर, कश्मीरियत व कश्मीरी से बेहद मोहब्बत थी।

       संगोष्ठी के अध्यक्ष  पद्मश्री श्री धर्मपाल सैनी ने अपने उदबोधन में कहा की युवा शक्ति ही अहिंसा, सत्य, प्रेम और करुणा को जागृत रख सकते हैं इसलिए आज  जरूरत है की हिंसक शक्ति के मुकाबले अहिंसक शक्ति को जागृत किया जाए  और यह शक्ति का जागरण का काम युवा एवं महिलाएं बेहतर ढंग से कर सकते हैं । सैनिक राकेश्वर सिंह की रिहाई पर उनका कहना था कि यह गांधी-विनोबा विचार के कारण ही सम्भव हो सका है ।

        कार्यक्रम में विशेष रूप से वयोवृद्ध गांधीवादी श्री अमरनाथ भाई, इप्सी के कोऑर्डिनेटर जन0 तेज़ कौल, पंजाब की पूर्व स्वास्थ्य मंत्री डॉ मालती थापर, दिव्या भुषाल (सिडनी), फरहद फाल्सी(कश्मीर),  गांधी ग्लोबल फैमिली के कोषाध्यक्ष श्री अशोक कपूर, अखिल भारत रचनात्मक समाज के राष्ट्रीय महासचिव श्री बी ज़ी विजय राव, फ़िल्म सेंसर बोर्ड की पूर्व सदस्य श्रीमती अरुणा मुकीम, सौलीफय के  निदेशक सिद्धार्थ मस्करी व स्मृति राज, देहरादून से प्रवक्ता श्री विजय बहुगुणा , माता सीता रानी सेवा संस्था ,पानीपत की अध्यक्ष श्रीमती  कृष्ण कांता ,सचिव प्रिया लूथरा व परामर्शदात्री सुनीता आनंद, पूर्व प्रिंसीपल श्रीमती गीता पाल, सामाजिक विचारक बलबीर सिंह मलिक, युवा गांधियन अंकुश वर्मा  उपस्थित रहे ।

   संगोष्ठी के समापन पर वार्ता के कोऑर्डिनेटर श्री एस पी सिंह ने कहा कि इस तरह के संवाद लोक जागरण का काम करते है जिसे निरन्तर जारी रखा जाएगा । स्व0 निर्मला देशपांडे जी के विचारों को आगे बढ़ाने के लिए नित्यनूतन विचार को बढ़ाया जाएगा । उन्होंने सभी उपस्थित मित्रों का आभार प्रकट किया ।

     कार्यक्रम की सफलता के लिए श्रीइंद्राउदयाना( बाली-इंडोनेशिया) , श्री नब कुमार राहा ( निदेशक ,गांधी आश्रम ट्रस्ट, नोआखाली, बांग्लादेश), श्रीमती तन्द्रा बरुआ ( कोऑर्डिनेटर जी जी एफ, बांग्लादेश), डॉ0 दिव्या आर नायर( अमेरिका), श्रीमती जुबैदा नोमानी (लाहौर-पाकिस्तान) ने अपने शुभकामनाएं प्रेषित की है ।




Comments

  1. बहुत ही सुंदर कार्यक्रम था निर्मला दीदी की आत्मा जहां भी है खुशी का अनुभव कर रही होंगी ।युवाओं को जुड़ने की आवश्कता भले ही है पर युवाओं को आप जैसे लोगो के आशीर्वाद की जरूरत हमेशा रहेगी।

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