Posts

Suhana Safar-37 (NEMO Science Museum, Amsterdam)

Image
    सुहाना सफर -37    नेमो साइंस म्यूजियम जाना विज्ञान के हर पहलू को समझने के लिए जरूरी है । विज्ञान परक शिक्षा और सोच ही मनुष्य को यथार्थवादी और प्रगतिशील बनाएगी । किसी भी देश , समाज एवम व्यक्ति के विकास का एक ही पैमाना है कि वह कितना वैज्ञानिक ढंग की सोच रखता है । न केवल भौतिक अपितु शारीरिक एवम मानसिक भी ।     इसी विचार को समझने के लिए आज हमारे बेटे उत्कर्ष का आग्रह रहा कि हम उसके ऑफिस में भी चले , उसके सहकर्मियों से भी मिलें और उनकी सामूहिक मेस में भोजन करें और फिर उनके ऑफिस के सामने ही राइन नदी के तट पर सेंट्राल 🚂 रेलवे स्टेशन के सामने बने NEMO साइंस म्यूजियम को भी देखने जाए । हमें उनका यह प्रस्ताव अच्छा लगा और हम उनके साथ 🚃 ट्राम में बैठ कर सेंट्रल स्टेशन आ गए । यहीं पैदल चलकर नजदीक ही उनका ऑफिस था । पहले हम ऑफिस आए जिसमें 8,000 लोग काम करते है परंतु रोज़ाना 5,000 ही आते है । ये सभी कर्मचारी अपने क्रम में आते रहते हैं । नीदरलैंड की विशेषता यह भी है कि यहां न तो विद्यार्थियों पर और न ही कर्मियों पर कोई दवाब नही है । खुशी -...

Suhana Safar-36(Schloss Drachenburg, Bonn-Germany)

Image
    सुहाना सफर -36       एक आम इंसान का राज महल बनाने की दिली ख्वाहिश का जीता जागता उदाहरण जर्मनी के बॉन शहर में बना Schlos Drachenburg है । इसको देखने के लिए लोग दूर दराज से आते है और एक सामान्य व्यक्ति Baron Stephen Sartar  द्वारा मात्र दो वर्ष में बनाए गए महल को देखते है । तो कहानी यों है कि ये महाशय के माता पिता बॉन में रह कर विद्यार्थियों के लिए एक सराय चलाते थे । बेटा पियानो बजाता और पैतृक काम में हाथ बटाया करता । प्रिस्थितियों वश धंधा चला नही और परिवार को पेरिस जाना पड़ा । जहां बेटे बारेन ने स्टॉक मार्केट का काम किया जो चल निकला और इतना पैसा कमाया कि इसे खर्चने के लिए अपने पैतृक शहर में एक पहाड़ी पर जगह खरीद कर यह महल बनवाया जिसमें वह एक दिन भी आकर नही रुका । अपना जीवन उस व्यक्ति ने अपने तीन कमरे के एक मकान में पेरिस में ही बिताया पर अपनी मातृभूमि में एक ऐसा स्थान बनाया जो अद्भुत और अकल्पनीय है ।  Baron Stephen Van Sartar के बाद यह संपत्ति उसके भतीजे Jakole Hubert Biesenbuch के पास आई जिसने इसे पर्यटक हॉलीडे पार्क के तौर पर चलाना चाहा । बाद में ...