Nirmala Deshpande Sansthan felicitated Padamshri Ida Rsi Putra Manu Aba


 इंडोनेशिया के प्रसिद्ध सनातन वैदिक संत पद्मश्री इदा रसि पुत्रा मनु आबा का पानीपत में पहुंचने पर निर्मला देशपांडे संस्थान में स्वागत किया गया। श्री रसि पुत्रा को भारत सरकार ने इस वर्ष प्रसिद्ध नागरिक पुरस्कार पद्मश्री से सम्मानित किया है। जिसे गत दिवस भारत के राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद ने उन्हें प्रदान किया है। इस अवसर पर अपने उद्गार प्रकट करते हुए उन्होंने कहा कि भारत और इंडोनेशिया एक दूसरे की संस्कृति से प्रभावित दो देश है। भारत ,भारतीय एवं भारतीयता की अमिट छाप उनके देश के सामान्य जीवन पर है। उनके नाम विश्व की प्राचीन भाषा संस्कृतनिष्ठ  है तथा भगवान श्री रामचंद्र एवं जगत जननी माता सीता के जीवन चरित्र रामायण की झांकियां का प्रस्तुतीकरण वे विश्व मंच पर करते हैं। उनका बाली द्वीप में महात्मा गांधी के विचारों एवं कार्यो को प्रचारित- प्रसारित करने के लिए गांधीपुरी के नाम से एक आश्रम है । जहां पर यज्ञादि, अग्निहोत्र, पठन-पाठन तथा सत्य और अहिंसा विचार को युवकों में  प्रशिक्षण द्वारा प्रेषित किया जाता है। उन्हें इस बात का सौभाग्य है कि सन 1994 में उनकी माता गुरु निर्मला देशपांडे जी ने उनके प्रशिक्षण के लिए पानीपत श्री राम मोहन राय के पास भेजा था। उसके बाद उन्होंने संपूर्ण भारत में अपने विचार प्रवाह को जारी रखा और दोनों देशों की सांस्कृतिक सभ्यता का आदान-प्रदान मजबूत किया। अंततः भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री अवार्ड से विभूषित किया है। उनका मानना है कि यह अवार्ड भारत तथा इंडोनेशिया में भगवान राम तथा उन्हीं की श्रृंखला में साक्षात संत महात्मा गांधी के सेवकों को समर्पित है।

       समारोह में गांधी ग्लोबल फैमिली के महासचिव श्री राम मोहन राय ने कहा कि श्री रसि

पुत्रा मनु आबा का संपूर्ण जीवन भारतीय आदर्शों को समर्पित है तथा वे उसी सिद्धांतों से अभिभूत होकर अपने कार्यों का संचालन कर रहे है। निर्मला देशपांडे संस्थान उनकी मातृ - गुरु भूमि है। इस स्थान पर आना सबके लिए

प्रेरणादायी है । कार्यक्रम का शुभारंभ सर्वधर्म प्रार्थना से किया गया। इस अवसर पर     

डिका, अंकित, निखिल, रंजीत, हाली अपना स्कूल की कोऑर्डिनेटर पूजा सैनी,   माता सीता रानी सेवा संस्था की अध्यक्ष कृष्णा कांता और परामर्शदात्री सुनीता आनंद ,जनवादी महिला समिति की जिला सचिव पायल, रोजी चावला, सोनिया, पूजा और मोहम्मद  अरमान सिद्दीकी  विशेष रूप से उपस्थित रहे।


















Comments

Popular posts from this blog

Report of ‘Aaghaz-e-Dosti Aman Yatra 2026’ Begins from Rajghat with a Message of Peace, Unity and Friendship (English-Hindi)

बाबू मूल चंद जैन की विरासत का पुनर्पाठ

निरंकारी विवाह पद्धति- हमारा प्रत्यक्ष अनुभव