Two days workshop on Family Laws

 
































माता सीता रानी सेवा संस्था द्वारा निर्मला देशपांडे संस्थान में दो दिवसीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए प्रसिद्ध समाजशास्त्री कुतुब किदवई ने कहा कि यह बहुत ही अफसोस की बात है कि देश में बच्चों और महिलाओं को शारीरिक शोषण दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है। यद्यपि सख्त से सख्त कानून भी बनाए गए हैं। पर वे नाकाफी हैं, यदि जनता जागरूक न हो। इसलिए तमाम स्वयंसेवी संगठनों एवं बुद्धिजीवी नागरिकों को बालक बचाओ अभियान से जुड़ना चाहिए। बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ अभियान समाज को एक नई दिशा देने का कार्यक्रम है।  जिसे करने के लिए सभी नागरिकों का सहयोग अपेक्षित है।

         इतिहासकार एवं पत्रकार श्री एस पी सिंह ने कहा कि भारत की एकता विविधता का कारण है।  अनेकता में एकता ही इसका सार तत्व है। हम बेशक भिन्न-भिन्न रंगों, भाषाओं, बोलियो ,धर्मों एवं जातियों के हैं, परंतु हम सर्वोपरि भारतीय हैं। सत्य एवं अहिंसा के मार्ग को अपनाना ही दुनिया भर में भारत को पहचान देता है। इस अवसर पर गांधी ग्लोबल फैमिली के महासचिव राममोहन राय एडवोकेट, सामाजिक कार्यकर्ता एवं पूर्व शिक्षिका सुषमा गुप्ता, नेशनल दलित मूवमेंट फॉर जस्टिस के राजेश कुमार, जन कल्याण सोसायटी के सरदार सतपाल सिंह, जनवादी महिला समिति की जिला सचिव पायल, वन स्टॉप सेंटर के सुनील कुमार व   योगेश, माता सीता रानी सेवा संस्था की  परामर्शदात्री सुनीता आनंद, हाली अपना स्कूल की कोऑर्डिनेटर पूजा सैनी,  रोजी चावला, थिएटर आर्ट ग्रुप के निदेशक प्रवेश त्यागी विशेष रूप से उपस्थित रहे।


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