सुहाना सफर -2 Giethroon -Dutch Venice (Venice of Netherlands)

सुहाना सफर -2
     *ईएथरून Giethroon -  डच वेनिस* ।
    एमेस्ट्रडॉम से लगभग 150 किलोमीटर दूर सड़क मार्ग पर एक बहुत ही खूबसूरत गांव ईएथरून में जाने का मौका मिला । प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर यह जगह पर्यावरण की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है । यहां लोग रहते है परंतु बिना किसी कार ,गाड़ी तथा अन्य किसी भी तरह के प्रदूषण मुक्त यंत्र के बिना । गांव एक तंग नहर के दोनों ओर बसा है और इस नहर में चलती है अनेक किश्तियां जिस पर  सैंकड़ों पर्यटक दुनियां भर से आकर आनंद का अनुभव करते है ।
   नहर के दोनों और खास तौर से घास से बनी मजबूत छत के बने बहुत ही सुंदर मकान है जहां संग्रहालय , शॉपिंग सेंटर, कला केंद्र एवम रेस्त्रां बने है । पूरे दिन नावों की एक लंबी श्रृंखला चलती रहती है मानों की कोई शोभा यात्रा निकाल रही है । इन नौकाओं को चलाने वाले हमारे जैसे नौसिखिए भी होते है जो कभी बोट से बोट टकराते है और कभी किनारों पर घर्षण पैदा करते है । इस विहार का भी पैकेज है । हमने तो एक घंटे का पैकेज लिया जिसमें लगभग 10 किलोमीटर तक यात्रा का आनंद लिया ।  आधा रास्ता नहरों में नावें चलती है और आधे में एक विशाल और गहरी झील में चलती हुई अपने गंतव्य पर वापिस पहुंचती है । इस दौरान पर्यटक गीत- संगीत का आनंद भी लेते है । इस तरह का आनंद उत्तर इटली की राजधानी वेनिस में पाया जाता है । अभी तक हम वहां तो नही गए परंतु लोगों का ऐसा मानना है कि यहां भी उससे कमतर नहीं है ।
   इस गांव में जानें के लिए यातायात व्यवस्था उत्तम है और सड़क मार्ग बेहतरीन । हमारे भारत के नेताओं की भाषा में कहूं तो फलां अभिनेत्री के गालों की तरह चिकना ।
   वापिस लौटते हुए सड़क मार्ग पर ही एमस्टरडम से मात्र 15 किलोमीटर पहले ही लगभग एक हजार वर्ष पुराना किला है जिसे Muiden Castle      नाम से जाना जाता है । पुराने समय में किसी भी युद्ध की जीत का सूचक किले पर कब्ज़ा ही माना जाता था ,इस तरह यह भी उसी का सूचक है। क़िला छोटी ईंटो से निर्मित है जो डच स्थापत्य कला का एक अद्भुत नमूना है । यह वेचेत     नदी पर स्थित है और इसके चारों ओर दूर दूर तक घना जंगल और जलाशय है जो हर किसी को मानसिक शीतलता प्रदान करता है। इसी के पास ही एक छोटा सा बाज़ार भी है जहां अन्य सामान के इलावा विभिन्न व्यंजनों की दुकानें भी है । नहर से अनेक बार व्यवसायिक ऊंची किश्तियां भी गुजरती है । नहर पर बने यांत्रिक पुल इनके आते ही हट जाते है और फिर पुन:  स्थापित हो जाते है । इसके हटने और दोबारा जुड़ने का नज़ारा बेहद ही खूबसूरत होता है । नीदरलैंड्स में लोगों की यातायात का सबसे लोकप्रिय साधन साईकिल है । पुल हटते ही छोटे बड़े सभी अपनी अपनी  साइकिल की घंटियां बजाते हुए उस पर से गुजरते है जिसे देख कर  मन गदगद हो जाता है । 
  दुनियां बहुत ही खूबसूरत है पर उसे देखने और जानने के लिए समय चाहिए । किसी शायर ने कहा है -
*सैर कर दुनियां की गाफिल, जिंदगानी फिर कहां।*
*जिंदगानी गर मिली तो नौजवानी फिर कहां* ।
    राम मोहन राय,
Giethroon, Netherlands .
28.05.2023

Comments

Popular posts from this blog

Report of ‘Aaghaz-e-Dosti Aman Yatra 2026’ Begins from Rajghat with a Message of Peace, Unity and Friendship (English-Hindi)

बाबू मूल चंद जैन की विरासत का पुनर्पाठ

निरंकारी विवाह पद्धति- हमारा प्रत्यक्ष अनुभव