सुहाना सफ़र 6. Switzerland - (In way to Brienz )

Diary - 6
    हमारा पहला पड़ाव यहां से लगभग 200 किलोमीटर दूर एक कस्बा ब्रेजन रहा. रास्ते भर प्राकृतिक सौंदर्य से भरा एक अजब ही नजारा रहा, जिसे हम अनेक घरों मे लगे वॉल पोस्टर से महसूस कर सकते हैं पर यहां तो ऐसा महसूस हो रहा था मानो हम रंग बिरंगे उन पोस्टर्स की अकल्पनीय रील मे से गुजर रहे हो.
   ऊंचे ऊंचे पर्वत शृंखला मे इठलाते हुई घुमावदार सडकों से प्राकृतिक सौंदर्य का नजारा बहुत ही सुन्दर था. यहां भी हमे अपने देश की यादें बरकरार रहीं. बड़ी बड़ी झीलें देख कर कभी हमे हमे यह झीलों की नगरी उदयपुर लगता, पहाडियों को देख कर कुल्लू - मनाली की याद आती, चारो तरफ ऊंची ऊंची बर्फीली पहाडियों से घिरी यह घाटी कश्मीर की याद दिलाती, फ़ूलों की ये घाटियां हिमाचल प्रदेश और मणिपुर से कहीं भी कम नहीं है और जल प्रपात देख कर तो गौमुख और केदारनाथ के पास श्यामा वन की याद आई. घूम हम स्विटजरलैंड मे रहे थे और तुलना हम अपने देश से कर रहे थे. वैसा भी क्या कमाल है इस छोटे से देश जिसकी कुल आबादी 80 लाख के करीब है, यह सब सौंदर्य एक खिते मे ही समाया हुआ है और हमारे विशाल देश मे भी ये सब चीज़े है पर दूर दूर विभिन्न स्थानों पर.
   हमारे देश के अनेक ऐसे स्थानो को अनेक उपमाओं से नवाजा गया है जैसे कश्मीर को जन्नत, हिमाचल और उत्तराखंड को देव भूमि, उत्तर-पूर्वी राज्यों को मोती आदि आदि. हिमाचल के डलहौजी के पास एक स्थान खिजर को भारत का स्विटजरलैंड कहा है.
    इस रास्ते मे लगभग 100 लम्बी - छोटी सुरंगे है. 500 मीटर से 5 किलोमीटर लम्बी. इनमें जाने के बाद जी पी ऐस काम करना बंद कर देता है और इसी वज़ह से जो रास्ता आधे घण्टे बकाया था अब वह डेड़ घण्टे लम्बा हो गया. पर हमे इसका मलाल नहीं था और इस दूरी के कारण उन दुर्लभ स्थानों को भी देख पाए जो हमारे रूट प्लान मे नहीं थी. यह पूरा का पूरा देश ही पिकनिक स्पॉट है जिधर चले जाइए आनंद ही आनंद. रास्ते भर चलते हुए इन
      सभी स्थानों की न तो वीडियो ग्राफी सम्भव है और न ही एक एक का तस्वीर लेना पर है सब एक से  एक बढ़ कर. दो घण्टे का यह रास्ता कैसे पूरा हो गया पता ही नहीं चला. स्वर्गलोक मे तो न ही हम अभी गए नहीं और न ही वहां गया कोई लौट कर आया, जो वहां के हाल चाल बताए पर जैसी कहानियों मे उसके बारे मे सुना है तो यह देश उससे कोई कमतर भी नहीं है.
Ram Mohan Rai.
Basel, Switzerland.
01.05.2024

Comments

  1. Nice journey. You are lucky to have such wonderful experience.

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