गांधी ग्लोबल फैमिली एवं चर्च ऑफ़ साइंटोलॉजी द्वारा एम्स्टर्डैम में महात्मा गांधी को भावभीनी श्रद्धांजलि "विश्व शांति और मानव एकता के लिए गांधी के विचार आज पहले से अधिक प्रासंगिक"
गांधी ग्लोबल फैमिली एवं चर्च ऑफ़ साइंटोलॉजी द्वारा एम्स्टर्डैम में महात्मा गांधी को भावभीनी श्रद्धांजलि
विश्व शांति और मानव एकता के लिए गांधी के विचार आज पहले से अधिक प्रासंगिक
गांधी ग्लोबल फैमिली तथा चर्च ऑफ़ साइंटोलॉजी के संयुक्त तत्वावधान में आज एम्स्टर्डैम के प्रसिद्ध चर्चिललान स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
इस अवसर पर गांधी ग्लोबल फैमिली के महासचिव श्री राम मोहन राय, चर्च ऑफ़ साइंटोलॉजी की प्रतिनिधि गेरब्रिग डेनिम, वरिष्ठ गांधीवादी तथा सामाजिक संगठन मुंडो यूनिडो की निदेशक पेट्रीशिया हैवमैन तथा युवा गांधीवादी रोबर्ट सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
सभी वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि आज जब विश्व के अनेक भाग युद्ध, हिंसा, आतंकवाद और बढ़ती असहिष्णुता से जूझ रहे हैं, तब महात्मा गांधी का सत्य, अहिंसा, प्रेम, करुणा और सत्याग्रह का दर्शन ही मानवता को स्थायी शांति का मार्ग दिखा सकता है। उन्होंने कहा कि गांधी केवल भारत के नहीं, बल्कि संपूर्ण विश्व के नैतिक मार्गदर्शक हैं।
राम मोहन राय ने कहा कि गांधी ग्लोबल फैमिली विश्वभर में शांति, सद्भाव, अंतरधार्मिक संवाद और मानवीय मूल्यों के प्रसार के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि विश्व समुदाय गांधी के विचारों को अपने जीवन और नीतियों में अपनाए, तो युद्ध और वैमनस्य के स्थान पर सहयोग, विश्वास और भाईचारा स्थापित हो सकता है।
वक्ताओं ने विशेष रूप से नीदरलैंड के गांधीवादियों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने वर्षों से महात्मा गांधी के विचारों को जीवित रखने, अंतरराष्ट्रीय शांति संवाद को बढ़ावा देने तथा भारत और नीदरलैंड के बीच सांस्कृतिक एवं मानवीय संबंधों को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। यह कार्य इस बात का प्रमाण है कि गांधी का संदेश किसी एक देश तक सीमित नहीं, बल्कि पूरी मानवता की साझा विरासत है।
चर्चिललान स्थित गांधी प्रतिमा का महत्व
एम्स्टर्डैम के चर्चिललान पर स्थापित महात्मा गांधी की कांस्य प्रतिमा वर्ष 1990 में स्थापित की गई थी। यह प्रतिमा डच-भारतीय हिंदू संगठन त्रिवेदा की पहल पर स्थापित हुई, जिसका उद्देश्य गांधी के नस्लवाद, अन्याय और दमन के विरुद्ध अहिंसक संघर्ष को सम्मान देना था। प्रतिमा का निर्माण प्रसिद्ध डच मूर्तिकार कारेल गोम्स ने किया। इसमें गांधी जी को लाठी, चश्मा और सैंडल के साथ चलते हुए दर्शाया गया है। प्रतिमा के चारों ओर प्राकृतिक पत्थरों की विशेष संरचना विरोधी विचारों के बीच समन्वय और शांति का प्रतीक मानी जाती है। प्रतिवर्ष गांधी जयंती पर यहां शांति और अहिंसा के सम्मान में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
कार्यक्रम का समापन विश्व शांति, मानव एकता और सभी राष्ट्रों के बीच मैत्री की कामना के साथ किया गया। उपस्थित सभी लोगों ने संकल्प लिया कि वे महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा और प्रेम के संदेश को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य करते रहेंगे।
At 2nd of October we come together in the Hague in Morning and in afternoon at the place we were today. ☮️
Real live meeting might be tight.
Perhaps zoom??? By Internet? 🛜
Still Ram ji he gives speeches ♥️
He asked me to join his board for that particular day in the Netherlands 🇳🇱
He & his wife both are special souls and like a father & mother for the Community.
I truely love them.
And hope they will have long healthy life of 150+ years 💕
Same as both of you.
If an initiative like yours can make him smile. It’s already worth it ♥️😊
But please follow your own feeling.
And feel free 🙏✨😇
I will understand 💫
Patricia Haveman.
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